तुम नाराज़ हो तो लगता है सारा जहान हो खफ़ा,
अब छोडो जिद, हंस दो मिले दिल को करार देखो!!
तुम नाराज़ हो तो लगता है सारा जहान हो खफ़ा,
अब छोडो जिद, हंस दो मिले दिल को करार देखो!!
Posted in ghazals, Hindi, Hindi Kavita, Hindi Poetry, love ballads | Leave a Comment »
मेरे मन यह बता तुझे क्या हुआ..
Posted in ghazals, Hindi, Hindi Kavita, Hindi Poetry, love ballads | Leave a Comment »
Posted in ghazals, Hindi, Hindi Kavita, Hindi Poetry, love ballads | Leave a Comment »
उन के टूटने से जो उभर जाये ऐसे इंसान बड़े होते है!!
टूटे दिल को टूटा रहने दो,फिर से तोड़ने को मत जोड़ो
Posted in ghazals, Hindi, Hindi Kavita, Hindi Poetry, love ballads | 2 Comments »
ख़ुसरो दरिया प्रेम का, उलटी वा की धार,
जो उतरा सो डूब गया, जो डूबा सो पार.
Translation
Khusro! the river of love has a reverse flow
He who floats up will drown (will be lost), and he who drowns will get across.
Translation
छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नैना मिलाइके
प्रेम भटी का मदवा पिलाइके
मतवारी कर लीन्ही रे मोसे नैना मिलाइके
गोरी गोरी बईयाँ, हरी हरी चूड़ियाँ
बईयाँ पकड़ धर लीन्ही रे मोसे नैना मिलाइके
बल बल जाऊं मैं तोरे रंग रजवा
अपनी सी रंग दीन्ही रे मोसे नैना मिलाइके
खुसरो निजाम के बल बल जाए
मोहे सुहागन कीन्ही रे मोसे नैना मिलाइके
छाप तिलक सब छीनी रे मोसे नैना मिलाइके
Translation
You’ve taken away my looks, my identity, by just a glance.
By making me drink the wine from the distillery of love
You’ve intoxicated me by just a glance;
My fair, delicate wrists with green bangles in them,
Have been held tightly by you with just a glance.
I give my life to you, Oh my cloth-dyer,
You’ve dyed me in yourself, by just a glance.
I give my whole life to you Oh, Nijam
You’ve made me your bride, by just a glance.
Posted in ghazals, Hindi, Hindi Kavita, Hindi Poetry, love ballads | Leave a Comment »
तूं नहीं हैं मगर तेरी परछाई खड़ी है!
बात कुछ नहीं फिर भी ये बात बड़ी है !!
खामोश सी है, कुछ बात यह नहीं करती,
नाराज़ सी है कुछ, जैसे मुझ से लड़ी है !!
घंटों और पहरों यह मुझ से बातें करती है,
यादों को जिंदा रखने की अजब सी कड़ी है!!
बहुत तेज़ रफ़्तार है रेखाहीन जिंदगी की,
तेरी परछाई बीच में दीवार बन के खड़ी है !!
प्यार परिवरतन न सही अधिकार तो मांगता है
तेरी याद दिल के किसी कोने में आज तक गडी है!!
तुम तो यहाँ नहीं हों, हाँ यह मेरे साथ ही रही है,
तुम से बढ़ कर मेरे लिए तेरी परछाई ही बड़ी है!!
Posted in ghazals, Hindi, Hindi Kavita, Hindi Poetry, love ballads | 1 Comment »
इक दिन तुम हलके से, दबे पांव,
मेरी जिंदगी में फिर से आ जाओ !
मेरी बांहों में, मेरी धडकनों में,
मेरी सांसो में फिर से समा जाओ !!
छोड़ दो दुनिया की सारी रस्मे,
तोड़ दो यह रिश्तों की दीवारें,
आ जाओ अब आ भी जाओ,
फिर से प्यार की कस्में निभा जाओ !!
मेरी जिंदगी की सौगात हों तुम,
मेरे लिए एक कायनात हों तुम,
गुजर जायेगा यह मुश्किल सफर,
अगर तुम मेरी बाहों मे आ जाओ !!
बडी मुश्किल से मिलते हैं दो दिल,
मिलते है तो मिल जाती है मंजिल ,
आ भी जाओ तुम मेरी जिंदगी में अब,
अपने प्यार की नदिया बहा जाओ!!
अजीब होती है ग़म-ए-मुहब्बत की रस्मे,
कुछ भी नहीं रहता है इस में अपने बस में,
जो हुआ उसे भुला, चली आओ चली आओ
मेरी दुनिया मेरे घर को फिर से सजा जाओ
Posted in ghazals, Hindi, Hindi Kavita, Hindi Poetry, love ballads | Leave a Comment »
जिंदगी की गाडी दौड़ती जाती है ..चाहे हम उन लम्हों को हंस कर बिता दे जा किसी से नाराज़ हो कर जा कोई बात न कर..इस के लिए कोई शिकवा जा शिकायात किसी से ना कर के अपने ही अन्दर खोजना चाहीये के हम ने वो कीमती लम्हे क्यों जाया किये..?
कुछ ऐसे ही लम्हे थे वो भी …जिस तरह से तुम मुझे पकड़ कर अपनी पकड़ खोने नहीं देना चाहती थी ..उन लम्हों में तुम्हारी एक नज़र मेरे होंठों पर बरबस ही और बड़ी आसानी से कैसे एक मुस्कान पैदा कर देती थी…अपने आप में खो जाने का इक एहसास सा दिल में जाग उठता था..जंगली तितलियों जैसे दिल में उड़ उड़ कर अपने अन्दर एक एहसास की गर्मी पैदा कर देने वाले वोह लम्हे…तुम्हारे एक कोमल स्पर्श के साथ, दिल की धड़कने जैसे धडकना ही भूल जाती थी…आँखें, सब कुछ भूल कर ..आसपास से दूर कर के किसी एक अनजानी दुनिया के सपनों में ले जाती थी ..उन लम्हों के गुज़र जाने का एहसास अभी भी क्यों बना हुआ है..
कभी तो ऐसे लगता था केवल तुम और मैं ही मेरी दुनिया में मौजूद थे …सिर्फ तुम और मैं एक साथ ..कितने मायने रखते थे वोह पल …आज भी..तुम्हारे साथ गुज़रे हुए वो लम्हे जीवन में सब से अनमोल लम्हे है..क्षण हैं..पल है..जिन्हें आज भी दिल में हमेशा के लिए लगाये रहा हूँ…वोह..पल…वोह लम्हे ..जुड़ जुड़ कर एक जिंदगी बन चुके है….यादों में है…बस!!
Posted in ghazals, Hindi Kavita, Hindi Poetry, love ballads | Leave a Comment »
यह रचना लिखने का बड़ा मज़ा आया! मैंने कोशिश की है अपने कुछ जाने पहचाने साथी ब्लागरो के ब्लाग व उनकी कुछ रचनाओं को अपनी इस ग़ज़ल में शामिल करने की! इस ग़ज़ल का मीटर सही रखना कुछ मुश्किल था फिर भी कोशिश की है. उम्मीद करता हूँ आप को पसंद आएगी!
यारो शामिल हों जाओ हम ब्लागरो की महफ़िल सजाये बैठे है!
आ जाओ खेलो अपनी रचनायों से हम बिसात बिछाए बैठे है !!
आईये ‘समीर जी’ ‘उड़न तश्तरी’ अपनी विल्लज की कतरने ले कर
और हम सब को बताये अपने किस्से जो भाभी जी से छुपाये बैठे है !!
‘श्यामल’ जी अपनी ‘मनोरमा’ के कभी हम को भी दर्शन करवाइए,
यह कौन सी ‘खुश्बू’है जो आप अपने घर के अन्दर फैलाये बैठे है??
‘वाणी’ जी अपनी ‘ज्ञानवाणी’ से हमे कुछ उपदेश ज़रूर सुनाये,
क्यों आप अपनी खिड़की के बाहर , तिरंगा झंडा फेहराए बैठे है!!
‘दिगम्बर नासवा’ जी आप अपने सपनों की दुनिया में क्यों खोये है,
‘गुरु पंकज’ की अनुकम्पा से क्या अति सुन्दर ग़ज़लें बनाए बैठे है!!
वाह वाह ‘अनिल कान्त’ जी कसम से आप क्या ज़बरदस्त लिखते है,
हम बेचारे सब पाठक पढ़ पढ़ कर आँशुयों की नदिया बहाए बैठे है,
‘निर्मला कपिला’ जी आप भी क्या खूब ‘वीरांचलगाथा’ लिखती है,
औरों के दुःख को देख अपना दुःख छोटा मान कर भुलाए बैठे है !!
‘शिखा वार्ष्णेय’ जी लन्दन से, आप की ‘सपंदन’ तो अन्तराल छूती है,
‘किस की शामत आयी है’ ? लिखती है जैसे आप डंडा उठाये बैठे है !!
मैंने कहा ‘पी सिंह’ जी आप क्यों ‘वक़्त के हाथों तकदीरें’ सौंपे हुए है?
आप मैनपुरी से अब ग़ज़लों के लिखने की खूब धाक जमाये बैठे है!!
अब क्या कहूं ‘संजय भास्कर’ जी की अजीब ‘आदत है मुस्कराने’ की
‘न तूने कुछ कहा’ लिख कर दिल के क्या क्या राज़ बताये बैठे है!!
‘खुशदीप सहगल’ जी क्या कमाल लिखा आप ने ‘देशनामा’ में अभी,
इसे पढ़ कर हम अपनी नयी सोच बनाने का इरादा बनाये बैठे है!!
Posted in ghazals, Hindi, Hindi Kavita, Hindi Poetry, love ballads | Leave a Comment »
मंजिल दूर तो है लेकिन, तुम हिम्मत कर के चलो!!
राह मुश्किल हों तो हों, तुम प्यार के रंग भर के चलो!!
जिंदगी तो सुलगती रहती है सदा कशमकश में मगर,
रोज़मर्रा की ज़दोजहद से तुम निकल उभर के चलो!!
कभी समझेगा कोई तेरी उलझनों के तानो-बानो को,
तुम इस ख्याल को अपने ज़ेहन से अलग कर के चलो!!
सुना करते थे के जिंदगी को जिंदादिली का नाम है,
सो तुम सीना तान के जूझो और हों निडर के चलो !!
ग़मों के अंधेरों में उम्मीदों का दिया जलाये रखना,
भूल के कल की बीती बातें, आज को बना संवर के चलो!!
Posted in Hindi Poetry | Leave a Comment »