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Archive for May, 2008

खंडहरों मैं घूमा करता हूँ!
मुख पे लिए उदासी,
आँखें लिए यह प्यासी,
बहते हुए आंखों से हर
आँसू को चूमा करता हूँ!
खंडहरों मैं घूमा करता हूँ!
दिल आवाज़ दिया करता हैं
ज़िक्र तेरा ही किया करता हैं
आंखों को भींच भींच कर
मैं करुणा मैं झूमा करता हूँ!
खंडहरों मैं घूमा करता हूँ!
तेरी यादें अब भी आती हैं
दिल मैं एक शोर मचाती [...]

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ग़ज़ल

जो दिल में छुपा है दर्द हम समझा नहीं सकते!
जो ठेस जिगर पे खाई है हम दिखला नहीं सकते!
कहते थे यार हम से की हम भी कया अजीब हैं,
इस की वजह चाहें भी हम बतला नहीं सकते!
हमारा जो हाल पूछते हैं उनको यह ख़बर नहीं,
जवाब इस का जो ढूंढे तो हम पा नहीं [...]

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Meri Kalam!

कलम! जिस से मैं आज बरसों से अपने दिल की आवाज़ को लफ्जों मैं ढालता रहा हूँ , बहते हर आंसू को पोछता रहा हूँ , वह कलम जिस ने हर दुःख और हर सुख में मेरा एक खूबसूरत, दिलकश और पुर्सकूं साथी की मानीन्द साथ दिया है! जिस ने मुझे मेरे दुःख के [...]

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हाल से बेहाल हो गए तुम से जुदा हो कर !
बेखुदी में बेखयाल हो गए तुम से जुदा हो कर!
मेरे गम्खार मेरे साथ रहे कुछ कदम तक,
मिलने को भी मोहाल हो गए तुम से जुदा हो कर!
किस को इल्जाम दे हम अपने रंझो-गम का
हँसे अब कई साल हो गए तुम से जुदा हो कर!

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यह सूखे हुए चेहरे
पड़े हुए उन पर
निराशायों के घेरे
हम से यह पूछते हैं
क्या उन से बुरा हुआ है
हम क्यों तरस न खाएं
उन के लिए भे कोई
बदली बरस तो जाए
देखो नगन खड़ा है
बच्चा सड़क पे किस का
भूख के मारे हुए
पेट खाली है जिस का
देखो वह चिल्ला रहा है
दोष [...]

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अक्सर अनजाने से याद आ जाती है तुम्हारी बातें!
आज भी मेरे दिल को सहला जाती है तुम्हारी बातें!
तुम अपनी चाहत और तमन्नाओं में खो गए,
पर मेरे टूटे दिल को बहला जाती है तुम्हारी बातें!
आज भी उन्ह पुरानी राहों से जब गुजरता हूँ,
मन में यादों के दीप जला जाती है तुम्हारी बातें!
बातों [...]

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इस दिल में वसी तेरी सूरत भुलाई नहीं जाती!
तुझे देखता हूँ तो पलके गिराई नहीं जाती !
आ आ के तेरी याद ने दीवाना कर दिया है
जो दिल में लगी है आग बुझाई नहीं जाती !
अक्सर तेरे ख़यालात मैं इस कदर खो गया हूँ,
महीनों मेरे लबों पे हँसी पायी नहीं जाती !
इतना हुआ [...]

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प्यास!

मेरे पिया नहीं मेरे पास रे
लीनी न खबरिया मुझ बिरहन कीबदती जाए आग मिलन की
सदा मन रहे मोरा उदास रेमेरे पिया ….
सारी सारी रैना मोहे नींद ना आएहर पल उन की याद सताए
मोहे पिया मिलन की आस रेमेरे पिया ….
कारी बदरिया जब नभ पे छायेअँखियाँ मेरी छम छम नीर बहाए
मोहे आया नही [...]

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ज़नाज़ा…

ज़नाज़ा मेरा है जा रहाचन्द लोग है शाना दिएकोई बात कर रहा हैमेरी ज़िंदगी की बाबतकोई अफ़सोस कर रहा हैमेरी जवान मरग पर
औरकोई तल्खी से कह रहा हैइंसान था वह कोईउस ने तो ख़ुद को हीमय मैं डुबो दिया था
मैंचुपचापसुन रहा हूँ सब कुछचुप हूँमुद्दत से बोलने के बाद!धड़कने खामोश हैमुद्दत से धड़कने के बाद!
परमेरी [...]

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नाराजगी

सूर्य की किरणें रेत पर छितराई होगी!उस दिन न तुम से मीला थातुम को जब मुझ से गिला थामैं न आ पाया था जब के तुम आयी होगी !शायद अब भी याद होगी वह शाम तुम कोजब कितने भेजे थे मैंने पैगाम तुम कोमुझे लगता हे तुम सब सुन कर बहत शरमाई होगी!आज [...]

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