जिस पथ पर मै निकला था उस की राह बहुत कठीन हैसोचा न था क्या खो दूँगा, जो हुआ सोच से भिन्न है !
कुछ दील के तार टूटे है, कुछ तुम बगाने हो गएजो सपने हम ने देखे थे, सभ धुंद में कहीं खो गए
अनजान राहों पेर मीले, विपरीत दीशा की और [...]
Archive for May 8th, 2008
फासले !!
Posted in Hindi Poetry on May 8, 2008 | 2 Comments »
उफ़!!
Posted in Hindi Poetry on May 8, 2008 | 2 Comments »
उफ़तुम्हारे ल्मस की जादूगरीउन पाक लम्हों मेंमैंतुम सेक्या क्या पा गयी हूँ!कहाँ को निकली थीऔर कहाँ पे आ गयी हूँ!
यह दो-राहा है या चौ-राहामंजिल हें या रहगुजर !या फीरमुस्सरतों से भराएक पाक सफर!मुझे तो कुछ भी याद नहींअपनी या तुम्हारी हसती!या खारों सी चुभतीजलने वालों की बस्ती!मुझेकुछ भी ख़बर नहींज़मीन पे हूँयाआसमान [...]
दूर !!
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हम चले जायेंगेदूरबहुत दूर!तुम्हारी आह्टो से दूर!तुम्हारी ज़िंदगी से दूर!टूटा दील टूटी तमन्नाएँ ले करतडपता प्यार और सीसकती यादें ले करलेकिनफीर भी,फिजाओं में रहेगी यादहमारी वफ़ा की !जब गुजुरोंगीं तुम उन्ह राहों सेयहाँ हम मीळ के गुज़रे थे !साँस लोगी उन्ह हवाओं मेंयहाँ कभी अपनी खुशबू थी!देखोंगी उन्ह वादियों कोयहाँ [...]