सूर्य की किरणें रेत पर छितराई होगी!उस दिन न तुम से मीला थातुम को जब मुझ से गिला थामैं न आ पाया था जब के तुम आयी होगी !शायद अब भी याद होगी वह शाम तुम कोजब कितने भेजे थे मैंने पैगाम तुम कोमुझे लगता हे तुम सब सुन कर बहत शरमाई होगी!आज [...]
Archive for May 9th, 2008
नाराजगी
Posted in Hindi Poetry on May 9, 2008 | 2 Comments »
मुलाकातें
Posted in Hindi Poetry on May 9, 2008 | Leave a Comment »
पुरानी मुलाकातेंतुम्हारीऔर मेरी बातें!आज याद आती हैसुल्गाती है सीने मेंबेशुमारयादों के चीराग!
तुम कैसे चली गयीबीन सोचे बीन जानेदे कर हमें दील के दाग़
दील की कीसी मासूम कोने सेएक हूक सी नीकलती हैचाहूँ भी तो नहीं मेटा सकतामेरा तुम से यह अनुराग
तुम आती थी संघ ले करखुशबू का एक झोंकातेरे जाने के बाद भीतेरे [...]