मेरे पिया नहीं मेरे पास रे
लीनी न खबरिया मुझ बिरहन कीबदती जाए आग मिलन की
सदा मन रहे मोरा उदास रेमेरे पिया ….
सारी सारी रैना मोहे नींद ना आएहर पल उन की याद सताए
मोहे पिया मिलन की आस रेमेरे पिया ….
कारी बदरिया जब नभ पे छायेअँखियाँ मेरी छम छम नीर बहाए
मोहे आया नही [...]
Archive for May 10th, 2008
प्यास!
Posted in Hindi Poetry on May 10, 2008 | 1 Comment »
ज़नाज़ा…
Posted in Hindi Poetry on May 10, 2008 | 2 Comments »
ज़नाज़ा मेरा है जा रहाचन्द लोग है शाना दिएकोई बात कर रहा हैमेरी ज़िंदगी की बाबतकोई अफ़सोस कर रहा हैमेरी जवान मरग पर
औरकोई तल्खी से कह रहा हैइंसान था वह कोईउस ने तो ख़ुद को हीमय मैं डुबो दिया था
मैंचुपचापसुन रहा हूँ सब कुछचुप हूँमुद्दत से बोलने के बाद!धड़कने खामोश हैमुद्दत से धड़कने के बाद!
परमेरी [...]