हाल से बेहाल हो गए तुम से जुदा हो कर !
बेखुदी में बेखयाल हो गए तुम से जुदा हो कर!
मेरे गम्खार मेरे साथ रहे कुछ कदम तक,
मिलने को भी मोहाल हो गए तुम से जुदा हो कर!
किस को इल्जाम दे हम अपने रंझो-गम का
हँसे अब कई साल हो गए तुम से जुदा हो कर!
Archive for May 17th, 2008
तुम से जुदा हो कर!
Posted in Hindi Poetry on May 17, 2008 | 1 Comment »