कल रात नही मैं रोया था..
पहले जब दुनिया सोती थी,
आँखें रहती मेरी रोती थी
लेकिन कल तेरे दामन में,
छुपा कर सर मैं सोया था
कल रात नही मैं रोया था…
देखे थे रात मधुर सपने,
जैसे सब सुख मिले अपने,
दुःख के बादल से रहा दूर,
दूर सपनों में मैं खोया था
कल रात नही मैं रोया था…
पहले तूं समझ ना पाती थी,
हार पल मुझ को तडपाती थी,
अब समझी हो दिल की बातें,
पहले नही जब मैं रोया था
कल रात नही मैं रोया था…