


ज़िन्दगी की कड़ियों को,
समेटना जो चाहा तो,
समेट नही पाया मैं।
लोग मिलते रहे और बिछड़ते गए।
सपने बनते रहे और सिमटते गए।
रिश्ते बनते रहे और टूटते गए।
घाव रिस कर नासूर बनते गए।
फ़िर ख़ुद को ख़ुद से,
जोड़ना जो चाहा तो,
जोड़ नही पाया मैं।
यादें आती रही और जाती रही।
एकांत में दर्द दिल में जगाती रही।
बंधन बंधते रहे और फ़िर टूटते गए।
मेरी जिदंगी को मुझ से लूटते गए।
फ़िर अपने आप पर,
हँसना जो चाहा तो,
हँस नही पाया मैं।
दिल रोता रहा और अश्क बहते रहे।
आँखें छलकी रहीं होंठ खिलते रहे।
ज़िन्दगी ज़िन्दगी से दूर होती गयी।
रौशनी फकत अंधेरों में खोती गयी।
फ़िर दुनिया से दिल,
जोड़ना जो चाहा तो
जोड़ नही पाया मैं।
सचाई दबती रही झूठ उभरता रहा।
आदर्श मिटते रहे और दर्द पलता रहा।
ख़ुद अपने से ही अजनबी बनता गया।
यही सिलसिला ज़िन्दगी में चलता गया।
इतना होने पर भी,
सम्भलना जो चाहा तो
संभल नही पाया मैं।
ज़िन्दगी की कड़ियों को,
समेटना जो चाहा तो,
समेट नही पाया मैं।
ज़िन्दगी की कड़ियों को,
समेटना जो चाहा तो,
समेट नही पाया मैं।
अनोखे एहसास मैं डूबी कविता
सुंदर लेखन
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ब्लॉग्स पण्डित – ( आओ सीखें ब्लॉग बनाना, सजाना और ब्लॉग से कमाना )
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और भी खेल-तमाशे सीखें सिर्फ़ ‘ब्लॉग्स पण्डित’ पर.
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वर्ड वेरिफिकेशन क्या है और कैसे हटायें ?
हिन्दी ब्लॉग जगत में आपका हार्दिक स्वागत है, मेरी शुभकामनायें…
कलम से जोड्कर भाव अपने
ये कौनसा समंदर बनाया है
बूंद-बूंद की अभिव्यक्ति ने
सुंदर रचना संसार बनाया है
भावों की अभिव्यक्ति मन को सुकुन पहुंचाती है।
लिखते रहिए लिखने वालों की मंज़िल यही है ।
कविता,गज़ल और शेर के लिए मेरे ब्लोग पर स्वागत है ।
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बहुत सुंदर…आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्लाग जगत में स्वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।
बहुत … बहुत .. बहुत अच्छा लिखा है
हिन्दी चिठ्ठा विश्व में स्वागत है
टेम्पलेट अच्छा चुना है. थोडा टूल्स लगाकर सजा ले .
कृपया मेरा भी ब्लाग देखे और टिप्पणी दे
http://www.manojsoni.co.nr
हिन्दी ब्लाग जगत में आपका हार्दिक स्वागत है ,टिप्पणी चिटठा पढ़ने के बाद करूंगी .मेरी शुभ कामनाएं आपके साथ हैं ……………..
मेरे ब्लाग पर आपका स्वागत है
स्वागत है आपका आपकी कविताएं अच्छी लगी। जब भी कुछ नया लिखें मुझे सूचित करें मैं पढना चाहूंगा।
हिन्दी ब्लॉग जगत में आपका हार्दिक स्वागत है, मेरी शुभकामनायें……..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।
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